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ए.के.एस. विश्वविद्यालय सतना : दूरदृष्टि, नवाचार, वैश्विक मानदंड और ‘विश्व सरकार’ जैसे युगांतरकारी विचारों का प्रखर शिक्षा–पीठ।

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सतना। मध्यप्रदेश की उच्च शिक्षा परंपरा में ए.के.एस. विश्वविद्यालय का उभार उस प्रकाश–स्तंभ की भाँति हुआ है जिसने ज्ञान, शोध और वैश्विक मानकों के नए आयाम स्थापित किए हैं। 2011 में विधानसभा से अनुमोदन और शासन के असाधारण राजपत्र में अधिसूचना के उपरांत स्थापित यह विश्वविद्यालय आज विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मान्यता और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के श्रेय–अंक (क्रेडिट) से गौरवान्वित होकर प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों की अग्रिम पंक्ति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।
इस प्रतिष्ठा के केंद्र में कुलाधिपति माननीय श्री बी.पी. सोनी तथा उनके चारों पुत्र—अनंत कुमार सोनी, अवनीश कुमार सोनी, अजय कुमार सोनी और अमित कुमार सोनी—का सतत परिश्रम, नेतृत्व और दूरदर्शी शैक्षिक दृष्टि है।         ⭐ विश्वविद्यालय नेतृत्व के वक्तव्य।
1️⃣ कुलाधिपति माननीय बी.पी. सोनी का वक्तव्य
कुलाधिपति श्री बी.पी. सोनी ने कहा—“ए.के.एस. विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य मात्र उपाधि (डिग्री) प्रदान करना नहीं, बल्कि मानव–निर्माण की शाला निर्मित करना है। हमारा लक्ष्य ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो क्षमता, संवेदनशीलता और चरित्र की दृढ़ भूमि पर खड़े हों। शिक्षा तभी पूर्ण होती है जब वह मनुष्य को अधिक मानवीय बनाती है।”
उन्होंने कहा—
“विश्वविद्यालय की संरचना में ‘अंतरराष्ट्रीय मानक एकीकरण’ – आई.एस.आई.का समावेश प्रथम दिन से हमारा ध्येय रहा है। गुणवत्ता, अनुशासन और व्यवहारिक दक्षता ही उस शिक्षा की आधारशिला हैं, जिसे हम विकसित करना चाहते हैं।”
2️⃣  (प्रो–चांसलर) अनंत कुमार सोनी का वक्तव्य

प्रो चांसलर श्री अनंत कुमार सोनी ने कहा—
“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ए.के.एस. विश्वविद्यालय की सर्वोपरि प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण प्राप्त हो जहाँ उनका कौशल, व्यक्तित्व और वैश्विक दृष्टि समान शक्ति के साथ विकसित हो।”
3️⃣ कुलपति प्रोफेसर बी. ए. चोपड़े का वक्तव्य
कुलपति प्रोफेसर बी. ए. चोपड़े ने कहा—
“ए.के.एस. विश्वविद्यालय का उद्देश्य शोध–आधारित, नवाचारोन्मुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा से मेल खाती शिक्षा–संस्कृति को विकसित करना है। हमारा संकल्प है कि प्रत्येक विद्यार्थी अनुसंधान–चेतना और वैश्विक विचार–शक्ति से संपन्न हो।”
उन्होंने आगे कहा—
“शिक्षा तभी अपने लक्ष्य को प्राप्त करती है जब वह मनुष्य में मानवीय, उत्तरदायी और सामाजिक दृष्टि को विकसित करे। विश्वविद्यालय इसी विश्वास के साथ अग्रसर है।”
⭐ शैक्षणिक उत्कृष्टता और विस्तृत परिसर
शेरगंज स्थित सौ एकड़ से अधिक विस्तृत, हराभरा और अत्याधुनिक परिसर में विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शोध, प्रयोग, नवाचार और व्यक्तित्व–विकास का समग्र मंच प्रदान करता है।
सीमेंट प्रौद्योगिकी, खनन अभियांत्रिकी, संगणक (कम्प्यूटर) अनुप्रयोग, कृषि विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, प्रबंधन (व्यवस्थापन), पारा–चिकित्सा विज्ञान, मानविकी, समाजकार्य, विधि, वाणिज्य और शिक्षा संकाय मिलकर एक बहुविषयक शैक्षणिक संरचना तैयार करते हैं।
विधि संकाय का न्याय–अनुकरण कक्ष (मूट कोर्ट), संख्यकीय निर्णय–प्रकरण केंद्र (डिजिटल केस–लॉ केंद्र) और विधिक कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवहार और तर्कशक्ति का व्यावहारिक अनुभव कराती हैं। कृषि संकाय की गौशाला, बहुउद्देशीय पौध–गृह (पॉलीहाउस), जैविक खाद इकाई, दुग्धशाला (डेयरी), कुक्कुट पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ वास्तविक कृषि–उद्योग की प्रयोगशाला का रूप प्रस्तुत करती हैं।
⭐ वैश्विक संपर्क  : शिक्षा जो दुनिया से जोड़ती है
अमेरिका, इज़राइल, हांगकांग, चीन, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और जापान जैसे देशों की शैक्षणिक यात्राएँ विद्यार्थियों को विश्व–स्तरीय अनुभव प्रदान करती हैं।
कोविड–काल में भी विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाएँ, आभासी प्रयोगशाला (वर्चुअल लैब) और डिजिटल संवाद के माध्यम से शिक्षा के प्रवाह को निर्बाध बनाए रखा।
⭐ कुलाधिपति छात्रवृत्ति : प्रतिभा को ऊँचाइयों तक ले जाने वाली पहल
प्रतिभा और आर्थिक आवश्यकता दोनों को समान महत्व देने वाली विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति–परंपरा में कुलाधिपति छात्रवृत्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में विश्वविद्यालय के विश्वास का प्रतीक है।
⭐ ‘विश्व सरकार’ : बी.पी. सोनी की वैश्विक मानवीय अवधारणा
कुलाधिपति श्री बी.पी. सोनी की परिकल्पना “विश्व सरकार” वैश्विक शांति, संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग, मानवाधिकार सुरक्षा और मानवता की सामूहिक उन्नति की दिशा में एक दूरदर्शी विचार है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विभिन्न केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यक्तित्व इस दृष्टि से अवगत कराए जा चुके हैं।
⭐ विश्वविद्यालय को प्राप्त प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान
लंदन स्थित ब्रिटिश संसद  (हाउस ऑफ लॉर्ड्स) में प्रदान किया गया एस.ओ.एल. ऑफ इंडिया पुरस्कार 2023 विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा का सशक्त प्रमाण है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के नाम पर निम्नलिखित चार राष्ट्रीय सम्मान दर्ज हैं—
● 1. मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय—उत्कृष्ट शिक्षण एवं शोध हेतु (2023)
● 2. मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ उभरता विश्वविद्यालय (2022)
● 3. मध्यप्रदेश का सर्वश्रेष्ठ नवोन्मेषी विश्वविद्यालय
● 4. मध्य भारत का अग्रणी विश्वविद्यालय
ये सम्मान विश्वविद्यालय की शिक्षण–उत्कृष्टता, शोध–संपन्नता, नवाचार क्षमता और शैक्षणिक नेतृत्व को राष्ट्रीय मान्यता प्रदान करते हैं।
⭐ विश्वविद्यालय द्वारा किए गए प्रमुख समझौता–ज्ञापन (एम.ओ.यू.)
● 1. शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग हेतु समझौता–ज्ञापन
विश्वविद्यालय ने शोध, उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, प्राध्यापक–विनिमय (फैकल्टी एक्सचेंज) और शैक्षणिक उन्नयन के उद्देश्य से अग्रणी राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से सहयोग–समझौते किए हैं।

● 2. उद्योग–आधारित कौशल विकास एवं प्रशिक्षण–इंटर्नशिप हेतु समझौता–ज्ञापन
विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता, वास्तविक परियोजना–अनुभव (लाइव प्रोजेक्ट) और रोजगार–उन्मुख अवसर प्रदान करने के लिए विविध उद्योग समूहों से साझेदारी स्थापित की गई है।
⭐ समापन : भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता ज्ञान–दीप
ए.के.एस. विश्वविद्यालय आज शिक्षा का मात्र केंद्र नहीं, बल्कि वह प्रखर शैक्षणिक–नवाचार मंच है जहाँ ज्ञान अवसर बनता है, अवसर उपलब्धि में बदलता है और उपलब्धि राष्ट्र–निर्माण की दिशा तय करती है।

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