फण्ड के अभाव में थमा पंचायतों के विकास का पहिया ? निर्माण कार्य अधूरे , बढ़ी ग्रामीणों की समस्यायें!
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धरमजयगढ़ (रायगढ़)। क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार थमी हुईं है, और इसका प्रमुख कारण फण्ड की कमी बताया जा रहा है। पंचायतों द्वारा प्रस्तावित सड़क निर्माण, नाली निर्माण, भवन मरम्मत, पेयजल व्यवस्था जैसे बुनियादी कार्य बजट उपलब्ध न होने के कारण अधूरे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों की दैनिक समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कई योजनाओं की राशि अभी तक पंचायत खातों में नहीं पहुंच पाई है। इससे न केवल नए काम रुके हुए हैं, बल्कि पहले से शुरू परियोजनाएँ भी अधर में लटकी हुई हैं। फण्ड उपलब्ध न होने की स्थिति में ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पा रहा, जिससे काम बंद कराने जैसे हालात बन गए हैं।
जनपद क्षेत्र में तकनीकी स्वीकृतियाँ समय पर जारी होने के बाद भी यदि राशि निर्गमित न हो, तो कार्य आगे नहीं बढ़ पाते। यही स्थिति कई पंचायतों में देखी जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि वे कार्य आरंभ करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वित्तीय स्वीकृति और किश्तों के निर्गमन में विलंब होने से हालात जटिल होते जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण बताते हैं कि बरसों से अपेक्षित कई छोटे-बड़े काम फण्ड अभाव के कारण अधूरे हैं। बरसात में सड़कें बदहाल हो जाती हैं, नालियों की मरम्मत लंबित है, और कुछ जगहों पर पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
क्षेत्रवासियों की अपेक्षा है कि धरमजयगढ़ जनपद की पंचायतों के लिए लंबित फण्ड जल्द जारी किया जाए, ताकि गांवों में अटके हुए विकास कार्य पुनः गति पकड़ सकें और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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