ए.के.एस.विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा ग्राम बठिया में वित्तीय जागरूकता एवं स्टार्टअप पर सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन।
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा ग्राम बठिया में वित्तीय जागरूकता एवं स्टार्टअप पर केंद्रित सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को वित्तीय साक्षरता, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव तथा ग्राम स्तर पर स्टार्टअप स्थापित करने के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करना था।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सी.एस. बालेश शुक्ला ने ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के व्यावहारिक उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सतर्क रहना और अपनी वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।सी.ए. जैकी वाधवानी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप स्थापित करने के तरीकों, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। सी.एस.दीक्षा पांडे ने वित्तीय जागरूकता और सुरक्षा पर उपयोगी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि योजनाबद्ध बचत और जिम्मेदार निवेश से आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र ओझा ने “डिजिटल अरेस्ट” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार लोगों को धोखा देते हैं तथा इनसे बचाव के लिए कौन से कदम उठाए जाने चाहिए।
ग्राम पंचायत बम्हओरी की सरपंच श्रीमती खुशबू अरुण सिंह बघेल, उपसरपंच श्री प्रदीप सिंह एवं श्री अरुण सिंह बघेल ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण समाज को डिजिटल एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से होता रहेगा।ग्रामवासियों ने भी कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वाणिज्य विभाग एवं ए.के.एस. विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। यह कार्यक्रम ग्रामीण समाज में वित्तीय साक्षरता और डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
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