चित्रकूट– के एडीएम (न्यायिक) और मंडलीय संयुक्त आयुक्त कोषागार की दो सदस्यीय जांच टीम ने घोटाले पर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जांच पर शासन की भी नजर है। शासन ने चित्रकूट में कोषागार कार्मिकों की मिलीभगत से हुए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले से सबक लिया है। कोषागारों के साफ्टवेयर को अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है।
साफ्टवेयर अपग्रेड करने का काम एनआइसी को दिया जाएगा। मौजूदा साफ्टवेयर की कमियों को दूर करते हुए इस प्रकार अपग्रेड कराया जाएगा जिससे भविष्य में कोई घोटाला न कर सके। यह प्रयास है कि घोटाले की पूरी धनराशि वापस आ जाए। तीन करोड़ रुपये से अधिक धनराशि कीं रिकवरी हो चुकी है।
अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार के मुताबिक जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है, किसी वरिष्ठ अधिकारी के इसमें लिप्त होने के कोई संकेत नहीं है। कोषागार के साफ्टवेयर को तत्काल अपग्रेड कराने का निर्णय लिया गया है। कोषागार निदेशक वीके सिंह ने वर्ष 2014 से अब तक कोषागारों से हुए लेन-देने की विशेष आडिट किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। कोषागारों के सभी पेंशन खातों की जांच करने के लिए भी कहा है।