जशपुर कांग्रेस में नई करवट: संगठन सृजन अभियान में उभरा मजबूत नेतृत्व — कुलविंदर सिंह भाटिया पर टिकती निगाहें!
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पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर की सक्रियता से कांग्रेस में नई ऊर्जा, कार्यकर्ताओं ने भाटिया के नेतृत्व को बताया संगठन की ज़रूरत
पत्थलगांव, जशपुर।
जशपुर जिला कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के तहत बुधवार को पत्थलगांव में हुई संयुक्त बैठक ने जिले की सियासत में नया उत्साह और नया समीकरण पैदा कर दिया है।
बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर की मौजूदगी ने माहौल को ऊर्जावान बनाया, जबकि कार्यकर्ताओं के बीच कुलविंदर सिंह भाटिया का नाम संगठन की एकजुटता और भरोसे का प्रतीक बनकर उभरा।

🔹 राजेश ठाकुर की सक्रियता से संगठन में आई नई जान
बैठक के दौरान पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर ने जिले के सभी ब्लॉक, विधानसभा और संगठनात्मक इकाइयों से आए पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा की।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते हुए कहा —
“कांग्रेस संगठन का असली बल उसके कार्यकर्ता हैं। हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो हर कार्यकर्ता की बात सुने और उसे सम्मान के साथ आगे बढ़ाए।”
ठाकुर के नेतृत्व में हुई यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक रायशुमारी नहीं, बल्कि कांग्रेस के पुनर्गठन का ठोस संकेत मानी जा रही है।
उनकी सधी हुई कार्यशैली और जमीन से जुड़े संवाद ने कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाया कि पार्टी अब मजबूती और सामंजस्य की राह पर है।

🔹 कुलविंदर सिंह भाटिया बने विश्वास और समर्पण का चेहरा
जिला अध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी के दौरान कई नाम सामने आए, लेकिन कुलविंदर सिंह भाटिया को लेकर कार्यकर्ताओं में असाधारण उत्साह और एकजुटता दिखाई दी।
भाटिया को कांग्रेस संगठन में अनुभव, अनुशासन और समर्पण की त्रिवेणी माना जाता है।
वे ऐसे नेता हैं जिनकी पहचान व्यक्तिगत प्रचार से नहीं, बल्कि संगठन की मजबूती के प्रति उनके मौन समर्पण से होती है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है —
“भाटिया जी ने हमेशा संगठन को परिवार की तरह संभाला है। हर कार्यकर्ता तक उनकी पहुँच और व्यवहार ने उन्हें सबका नेता बना दिया है।”
उनकी सादगी, स्थिरता और कार्यकर्ताओं से संवाद की शैली ने उन्हें जशपुर कांग्रेस का सबसे विश्वसनीय चेहरा बना दिया है।
🔹 रायशुमारी में कई नाम, पर माहौल भाटिया के पक्ष में झुका
बैठक में जशपुर विधानसभा से शहस्त्रांशु पाठक, अनिल किस्पोट्टा, अनुज गुप्ता,
कुनकुरी से मनोज सागर यादव (वर्तमान जिलाध्यक्ष), पूर्व विधायक यू.डी. मिंज, अरविंद साय, विनयशील गुप्ता,
और पत्थलगांव क्षेत्र से महेंद्र अग्रवाल, शेखर त्रिपाठी, पवन अग्रवाल, रवि शर्मा जैसे नाम भी चर्चा में रहे।
लेकिन माहौल यह स्पष्ट करता दिखा कि कार्यकर्ताओं के मन में भाटिया को लेकर विश्वास सबसे गहरा है।
🔹 ठाकुर और भाटिया: संगठन के दो स्तंभ, जिनसे बदल सकती है तस्वीर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजेश ठाकुर और कुलविंदर सिंह भाटिया की जोड़ी संगठन में संवाद और स्थिरता का नया अध्याय लिख सकती है।
दोनों नेताओं में एक समानता यह है कि वे प्रदर्शन से अधिक परिणाम पर विश्वास करते हैं।
ठाकुर की रणनीतिक समझ और भाटिया की संगठनात्मक पकड़ — कांग्रेस को जिले में एक मजबूत दिशा दे सकती है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राजेश ठाकुर जल्द ही कोतबा, कांसाबेल, कुनकुरी, बगीचा और जशपुर ब्लॉक में भी बैठकें करेंगे,
जहाँ संगठनात्मक संरचना को और सुदृढ़ करने पर काम किया जाएगा।
🔹 कांग्रेस में लौट रही है ऊर्जा, कार्यकर्ताओं में नया आत्मविश्वास
राजेश ठाकुर के नेतृत्व में हुए इस संवाद से कार्यकर्ताओं में यह संदेश गया कि पार्टी अब स्थानीय स्तर पर नेतृत्व तय करने में पारदर्शी और कार्यकर्ता-आधारित दृष्टिकोण अपना रही है।
भाटिया जैसे नेताओं के प्रति बढ़ता भरोसा यही दर्शाता है कि कांग्रेस कार्यकर्ता अब ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जो अनुभव, समर्पण और उपलब्धता का संगम हो।
📍 निष्कर्ष:
पत्थलगांव की बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जशपुर जिला कांग्रेस अब परिवर्तन के दौर से गुजर रही है।
संगठन में राजेश ठाकुर की सक्रियता और कुलविंदर सिंह भाटिया की स्वीकृति ने एक नई उम्मीद को जन्म दिया है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आगामी घोषणा में पार्टी किसे कमान सौंपती है —
लेकिन जिले के कार्यकर्ताओं के बीच यह भावना साफ़ दिखती है कि
“कांग्रेस के संगठन को एक दिशा चाहिए — और वह दिशा कुलविंदर सिंह भाटिया दे सकते हैं।”
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