*पुलिस उपाधीक्षक LIU अलीगढ़ को नहीं है ADGP लखनऊ के आदेश की परवाह*
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अलीगढ़ में अब तक नहीं बना RTI डेटाबेस रजिस्टर — संगठन ने जताया कड़ा विरोध
अलीगढ़, 10 अक्टूबर 2025।
“राष्ट्रीय सूचनाधिकार, मानवाधिकार एवं पर्यावरण संरक्षण संगठन” की संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री आस्था माथुर ने आज संगठन के सभागार कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ जिले में पुलिस उपाधीक्षक (LIU) राम रतन सिंह ने पुलिस महानिरीक्षक (सुरक्षा), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश के बावजूद आज तक RTI एक्टिविस्ट डेटाबेस रजिस्टर तैयार नहीं किया है।
सुश्री आस्था माथुर ने बताया कि संगठन द्वारा इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। अंततः संगठन का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल 27 सितंबर 2025 को पुलिस उपाधीक्षक LIU, अलीगढ़ के कार्यालय पहुँचा और लिखित ज्ञापन सौंपने का आग्रह किया। काफी अनुरोध के बाद राम रतन सिंह ने ज्ञापन की प्रति स्वीकार की, साथ ही आदेश की कॉपी भी सौंपी गई।
हालांकि, संगठन के प्रतिनिधियों के सामने ही राम रतन सिंह ने टिप्पणी की —
“जब तक मैं इस ऑफिस में हूँ, इस ऑफिस में RTI एक्टिविस्ट डेटाबेस रजिस्टर नहीं बनाया जाएगा।”
इस टिप्पणी से क्षुब्ध होकर संगठन ने ज्ञापन की प्रतियाँ उच्च अधिकारियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दीं।
सुश्री आस्था माथुर ने कहा कि संगठन RTI एक्टिविस्टों के अधिकारों की लड़ाई कानून के दायरे में रहकर लड़ रहा है, लेकिन राम रतन सिंह अपनी हठधर्मिता और अहंकार के चलते नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर के कई राज्यों और जिलों से RTI एक्टिविस्टों ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिस्सा लिया और राम रतन सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एक्टिविस्टों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जिला प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार को ईमेल व पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
साथ ही, RTI कार्यकर्ताओं ने “अलीगढ़ चलो” आंदोलन का आह्वान किया, जिसे सभी ने समर्थन दिया।
सूत्रों के अनुसार, राम रतन सिंह बिहार के नालंदा जिले के निवासी हैं। अलीगढ़ में नियुक्ति से पहले वे गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में इंस्पेक्टर (CP) के रूप में कार्यरत थे। उनकी प्रोन्नति तिथि 25 अक्टूबर 2024 और सेवानिवृत्ति तिथि 31 मार्च 2032 है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि राम रतन सिंह ने शासनादेश संख्या DG-1-64-2017 दिनांक 24 मार्च 2017, जिसके तहत सभी पुलिस कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा करनी थी, का पालन नहीं किया है।
संगठन ने घोषणा की है कि देशभर के RTI एक्टिविस्ट अब राम रतन सिंह की संपत्ति की जांच कराने की मांग सरकार से करेंगे।
📢 मुख्य बिंदु:
ADGP लखनऊ के आदेश के बाद भी अलीगढ़ में RTI डेटाबेस रजिस्टर नहीं बना।
संगठन ने विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की।
राम रतन सिंह पर आदेशों की अवहेलना और हठधर्मिता के आरोप।
देशभर के RTI एक्टिविस्ट “अलीगढ़ चलो” अभियान के तहत आंदोलन करेंगे।
संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार को ईमेल व पत्र भेजने का निर्णय लिया।
जिला संवाददाता मोहम्मद अली की खास रिपोर्ट

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