जय हार्डिया की जीत के बाद स्टेट बार काउंसिल में घमासान, अध्यक्ष पद का चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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13 सदस्यों ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल, सरकार के दबाव में चुनाव रोकने का आरोप; मंत्री राकेश शुक्ला के भाई दिनेश शुक्ला का नाम भी अध्यक्ष पद की दौड़ में चर्चा में
रीवा। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि सदस्य पद पर जय हार्डिया की जीत के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने से संगठन के भीतर असंतोष सामने आया है। चुनाव स्थगित होने के कारणों और प्रक्रिया को लेकर सदस्यों के बीच सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक दबाव होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव स्थगित होने पर 13 सदस्यों ने जताया विरोध
चुनाव स्थगित किए जाने के विरोध में शैलेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में 13 सदस्यों द्वारा आपत्ति जताए जाने की जानकारी सामने आई है। विरोध करने वालों में अखंड प्रताप सिंह, सुनील मिश्रा, जय हार्डिया, नरेंद्र जैन, अन्नू पटेल और संदीप मेहता सहित अन्य सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। विरोधी सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष पद का चुनाव कराने की प्रक्रिया के दौरान सरकार के दबाव में चुनाव रोक दिया गया। उन्होंने चुनाव की स्थिति स्पष्ट करने और अगली तारीख घोषित करने की मांग उठाई है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
गुप्त मतदान और निर्धारित प्रक्रिया का दिया हवाला
दूसरी ओर, महाधिवक्ता की ओर से गुप्त मतदान और निर्धारित प्रक्रिया के पालन की बात कही गई। बताया गया कि सदस्यों ने गुप्त मतदान के माध्यम से चुनाव कराने का निर्णय लिया है, इसलिए चुनाव नियमों के अनुरूप संपन्न कराया जाना चाहिए। प्रक्रिया को लेकर सामने आए अलग-अलग तर्कों के बीच अध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल अनिश्चितता में है।
दिनेश शुक्ला का नाम भी चर्चा में
अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला के छोटे भाई दिनेश शुक्ला का नाम भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें दूसरे गुट के प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। विरोधी सदस्यों ने आरोप लगाया है कि मंत्री के दबाव के चलते चुनाव स्थगित किया गया, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री राकेश शुक्ला और दिनेश शुक्ला का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
विंध्य क्षेत्र के सदस्यों में भी गुटबाजी की चर्चा
इस विवाद के बीच विंध्य क्षेत्र से जुड़े बार काउंसिल सदस्यों के बीच भी गुटबाजी की चर्चाएं हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अखंड प्रताप सिंह, सुनील मिश्रा, अन्नू पटेल और शैलेन्द्र वर्मा को एक पक्ष से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि नित्यानंद मिश्र और प्रवीण तिवारी को दिनेश शुक्ला के पक्ष से संबंधित बताया जा रहा है। हालांकि, इन राजनीतिक समीकरणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक नजदीकियों को लेकर भी चर्चाएं
जय हार्डिया की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से कथित नजदीकी और इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। इस राजनीतिक जुड़ाव को मौजूदा विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन चुनाव स्थगित होने से इसके किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में अध्यक्ष पद के चुनाव की अगली तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव प्रक्रिया कब आगे बढ़ेगी और विवाद का समाधान किस तरह निकलेगा।
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