October 15, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

सिसरिंगा घाट बंजारी मंदिर विवाद में जिला युवा मोर्चा के आई टी सेल प्रमुख ने खोला मोर्चा

1 min read
Spread the love


रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र सिसरिंगा घाट स्थित मां बंजारी मंदिर की संपत्तियों को अवैध रूप से उजाड़ने का मामला अब शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। भारतमाला सड़क परियोजना के निर्माण के दौरान कंपनी द्वारा किए गए इस कथित अवैध हस्तक्षेप ने अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। जनभावनाओं और आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर अब बाकारूमा क्षेत्र के कद्दावर युवा नेता और जिला युवा मोर्चा के आईटी सेल प्रमुख मनीष राठिया ने मोर्चा संभाल लिया है।

दिलीप बिल्डकॉन कंपनी की वादाखिलाफ़ी पर बरसे मनीष

मामले में तीखा रुख अख्तियार करते हुए युवा नेता मनीष राठिया ने निर्माण कार्य करा रही दिलीप बिल्डकॉन कंपनी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने मंदिर की संपत्तियों को अवैध तरीके से दबाने का काम किया है। यही नहीं, मंदिर के जीर्णोद्धार और सुरक्षा को लेकर कंपनी द्वारा किए गए पूर्व के सभी वादे महज कागजी साबित हुए हैं। कंपनी की इस वादाखिलाफ़ी से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है।
मनीष राठिया ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “बाकारूमा और धरमजयगढ़ क्षेत्र के युवा अब इस पूरे मामले को अपने हाथों में लेंगे। आम जनता और आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आस्था को मजाक समझने वालों को कानून और जनशक्ति के बल पर सबक सिखाया जाएगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल्द ही इस विषय को लेकर युवाओं और ग्रामीणों की एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आगामी उग्र रणनीति की रूपरेखा तय होगी।

जनपद अध्यक्ष लीनव राठिया ने भी लिया संज्ञान

आपको बता दें कि यह विवाद तब और गहरा गया था जब हाल ही में ग्राम पंचायत सिसरिंगा में बंजारी मंदिर की संपत्तियों सहित बहुमूल्य वन भूमि पर हुए अवैध हस्तक्षेप को लेकर धरमजयगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीनव राठिया ने मौके का मुआयना करने की बात कहते हुए अव्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने निर्माण एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

क्या है पूरा मामला?

क्षेत्र में भारतमाला सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। आरोप है कि इसके लिए सिसरिंगा घाट की भौगोलिक स्थिति और प्राचीन बंजारी माता मंदिर के परिसर की सुध नहीं ली गई। जानकारी के मुताबिक़ जांच में भी यह पाया गया है कि सड़क चौड़ीकरण और निर्माण के नाम पर मंदिर की संपत्तियों को अवैध तरीके से नुकसान पहुंचाया गया। वन भूमि का अनुचित दोहन कर मंदिर परिसर से लगी बहुमूल्य वन भूमि पर भी नियमों को ताक पर रखकर हस्तक्षेप किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

आंदोलन की सुगबुगाहट!

जनपद अध्यक्ष लीनव राठिया के बाद अब युवा नेता मनीष राठिया के इस मामले में सामने आने से यह साफ हो गया है कि यदि समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में दिलीप बिल्डकॉन कंपनी और स्थानीय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्षेत्र के युवाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक मां बंजारी मंदिर की गरिमा वापस नहीं लौटाई जाती और संपत्तियों के नुकसान की भरपाई कर जीर्णोद्धार नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp