ए. के. एस. विश्वविद्यालय में विशेषज्ञ व्याख्यान: माइक्रोग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा पर डॉ. नीरज कुमार चौधरी का संबोधन
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सतना (म.प्र.)। ए. के. एस. विश्वविद्यालय में 30 मार्च 2026 को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद, प्रयागराज के विद्युत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार चौधरी द्वारा “माइक्रोग्रिड प्रोटेक्शन: चैलेंजेस एंड मिटिगेशन स्कीम्स फॉर ग्रिड स्टेबिलिटी” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया।
व्याख्यान में उन्होंने बताया कि माइक्रोग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा आज ऊर्जा क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो न केवल बिजली की उपलब्धता बढ़ाते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा में भी योगदान देते हैं। उन्होंने स्थानीय विद्युत उत्पादन, ग्रिड में उसके एकीकरण, तथा इससे जुड़े लाभ और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. चौधरी ने सेंट्रल ग्रिड प्रोटेक्शन एवं कंट्रोल यूनिट की भूमिका स्पष्ट करते हुए बताया कि यह प्रणाली विभिन्न फीडर एवं वितरित उत्पादन स्रोतों—जैसे सोलर, विंड, फ्यूल सेल और इन्वर्टर—को नियंत्रित कर वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर और पावर क्वालिटी को संतुलित बनाए रखती है। साथ ही, फॉल्ट की स्थिति में प्रभावित भाग को अलग (आइलैंडिंग) कर शेष सिस्टम को सुचारू रूप से संचालित करने की प्रक्रिया भी समझाई।
कार्यक्रम में इंजी. आर. के. श्रीवास्तव, डॉ. सुधीर जैन, डॉ. रमा शुक्ला, डॉ. उमेश कुमार सोनी, श्री अजय सिंह, श्री प्रांजल देवेंद्र मिश्रा एवं श्रीमती मोनू त्रिपाठी सहित अनेक प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे। छात्रों ने बताया कि इस व्याख्यान से उन्हें पावर सिस्टम की सुरक्षा और नियंत्रण के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के परंपरा अनुसार अतिथि को मोमेंटो शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
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