पामगढ़ में बांधा तालाब बचाओ: ग्रामीणों ने मणिकंचन केंद्र निर्माण पर लगाई रोक की मांग
1 min read
संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा। उदघोष समय न्यूज़, 21 मार्च 2026।
जांजगीर-चांपा। नगर पंचायत पामगढ़ में जल संकट के बीच एक पुराने बांधा तालाब को मिटाकर मणिकंचन केंद्र (मनी कंचन प्लान) बनाने के प्रस्ताव ने स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है। वार्ड क्रमांक 07 और 08 के निवासियों ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर तालाब को मिटाकर प्रस्तावित “मनी कंचन प्लान” के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने आवेदन में स्पष्ट किया कि यह बांधा तालाब दशकों से वार्ड 07 एवं 08 के लिए प्रमुख जल स्रोत रहा है। यहां लोग नहाते हैं, पशुओं को पानी पिलाते हैं, घरेलू कार्य करते हैं तथा किसी की मृत्यु पर दाह-संस्कार के समय सामूहिक स्नान जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक-सामाजिक अनुष्ठान भी इसी तालाब में संपन्न होते हैं। नगर में पहले से ही पेयजल की गंभीर समस्या है; तालाब का नष्ट होना स्थिति को और विकट बना देगा।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जब यह क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत था, तब मनरेगा योजना के तहत तालाब का दो बार सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्य कराया गया था। अवैध कब्जे की कई कोशिशों को भी ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से हटवाया था। अब वे तालाब को बचाने के लिए एकजुट हैं और जनदर्शन में भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
नगर पंचायत के सीएमओ ने कहा कि जिसे बांधा तालाब माना जा रहा है, वह राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज नहीं है। यह किसी निजी व्यक्ति के नाम पर बैंक लोन के आधार पर दिख रहा है और ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी उसी का नाम है। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार ही कोई कार्य आगे बढ़ेगा। ग्रामीणों ने इसे निजी स्वार्थ के लिए सरकारी संसाधन के दुरुपयोग का मामला बताते हुए प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
यह विवाद जल संरक्षण, स्थानीय संसाधनों की सुरक्षा तथा विकास योजनाओं के बीच संतुलन का ज्वलंत उदाहरण बन गया है। ग्रामीण प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि तालाब को बचाया जाए ताकि पानी की समस्या और न बढ़े। जिला प्रशासन से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।
Subscribe to my channel