केसला ग्राम पंचायत में मनरेगा चेक डैम निर्माण में बड़ा खुलासा: मशीन से काम, नियमों का खुला उल्लंघन
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संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा।
उदघोष समय न्यूज़, 12 मार्च 2026।
जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत केसला ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे सीसी चेक डैम निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्य कोड 3314007018/WC/1111599898 के अंतर्गत करीब 19 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस डैम में मजदूर-विस्थापक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो योजना के मूल सिद्धांतों और नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर एजाक्स (Ajax) सेल्फ-लोडिंग कंक्रीट मिक्सर मशीन का उपयोग कर कंक्रीट तैयार की जा रही है। मनरेगा के शेड्यूल-I (पैरा 22 एवं संबंधित प्रावधानों) के अनुसार, अकुशल मैनुअल श्रम से अधिकतम रोजगार सृजन (person-days) सुनिश्चित करने के लिए मजदूरों की जगह लेने वाली मशीनों का उपयोग प्रतिबंधित है। बिना जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC) या सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के ऐसे उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि मशीन से बड़े पैमाने पर कंक्रीट मिक्सिंग होने से स्थानीय मजदूरों के रोजगार दिवस छीने जा रहे हैं। इससे योजना का मुख्य उद्देश्य – ग्रामीणों को अकुशल श्रम से रोजगार प्रदान करना – प्रभावित हो रहा है। साथ ही, इससे सामग्री में कटौती, फर्जी बिलिंग और कार्य की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि डैम का आधार दलदल वाली जमीन पर बिना उचित लेवलिंग के डाला गया है। निर्माण कार्य टुकड़ों-टुकड़ों में किया जा रहा है, जिससे यह एक मानसून भी नहीं झेल पाएगा।
पत्रकारों पर हमले की कोशिश
12 मार्च 2026 को स्थानीय पत्रकारों के टीम ने कार्यस्थल का जायजा लिया। इस दौरान रामेश्वर पटेल (पिता: गोरेलाल पटेल, निवासी: ग्राम जोगीडीपा, तहसील पामगढ़) ने ठेकेदार/सरपंच के निर्देश पर छुपकर पत्रकारों की फोटो/वीडियो बनाने की कोशिश की। जब पत्रकारों ने विरोध किया तो रामेश्वर पटेल ने उदघोष समय न्यूज़ के पत्रकार के मोबाइल फोन को छीनने-झपटने की कोशिश की। यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मानी जा रही है।
उदघोष समय न्यूज़ की मांगें
उदघोष समय न्यूज़ ने इस मामले की कड़ी निंदा की है और निम्नलिखित मांगें की हैं:
~ मनरेगा नियमों के उल्लंघन (मशीन उपयोग) की तत्काल जांच हो, जिसमें कार्य की गुणवत्ता, अनुमानित लागत, माइलस्टोन फोटोज, श्रमिक/सामग्री विवरण और भुगतान स्थिति का सत्यापन शामिल हो।
~ रामेश्वर पटेल और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कर उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
~ जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC), पामगढ़ के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) द्वारा तत्काल साइट निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
~ पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मनरेगा घोटालों को छिपाने की कोशिशों पर रोक लगाई जाए।
यह मामला मनरेगा योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि वह जल्द से जल्द जांच शुरू कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि योजना का उद्देश्य प्रभावित न हो और ग्रामीणों को उनका हक मिल सके।
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