अनूपपुर। जिले में पटवारियों की बार-बार हड़ताल और कामकाज ठप करने का रवैया एक बार फिर सामने आया है। लगातार ऐसे हालात बनने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व विभाग से जुड़े जरूरी काम रुक जाने से किसान, छात्र और जरूरतमंद परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
नामांतरण, सीमांकन, खसरा-नक्शा, फसल गिरदावरी, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप हैं। तहसील कार्यालयों में लोग रोज चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पटवारियों की अनुपस्थिति के कारण कोई सुनवाई नहीं हो पा रही। किसानों का कहना है कि बैंक ऋण, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं के काम अटक गए हैं, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पटवारियों का यह रवैया अब आदत बन गया है—जरा-जरा सी बात पर हड़ताल और कामकाज रोक देना, जबकि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। सामाजिक संगठनों ने भी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सख्त और स्थायी समाधान निकाला जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राजस्व सेवाएं बहाल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बार-बार हड़ताल और कामकाज ठप होने से सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या आम जनता यूं ही परेशान होती रहेगी, या इस रवैये पर कभी लगाम लगेगी?