पामगढ़ में निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला नेवराबंद बंद मिली, प्रधान पाठक व सहायक शिक्षक को 2 दिन में स्पष्टीकरण तलब
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संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा। उदघोष समय न्यूज़, 23 फरवरी 2026।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड में शिक्षा विभाग की सख्ती जारी है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा 21 फरवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे शासकीय प्राथमिक शाला नेवराबंद का अचानक निरीक्षण किया गया, जिसमें विद्यालय पूरी तरह बंद पाया गया। यह घटना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1) का उल्लंघन बताई जा रही है, जो सरकारी कर्तव्यों में लापरवाही को दर्शाती है।
घटना का विवरण:
निरीक्षण दल पहुंचने पर स्कूल का गेट बंद मिला और कोई शिक्षक या स्टाफ मौजूद नहीं था। प्रधान पाठक जगजीत सिंह राज एवं सहायक शिक्षक श्रीमती उषा टेकाम (एल.बी.) इस दौरान अनुपस्थित पाए गए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए पत्र क्रमांक 1756/स्पष्टीकरण/2025 जारी किया है।

कार्रवाई:
दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर, दो दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुशासनात्मक दंड भी शामिल हो सकता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
इस घटना से स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। कई लोगों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में ऐसी लापरवाही बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर डाल रही है। शिक्षा विभाग की ऐसी कार्रवाई को सराहा जा रहा है, लेकिन मांग है कि नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण जारी रहें।
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