विंध्य क्षेत्र के शैक्षणिक गौरव ए के एस विश्वविद्यालय के बीएससी एग्रीकल्चर (2026 पासआउट) छात्रों का सैफायर क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड में चयन
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सतना। विंध्य अंचल की शैक्षणिक पहचान बन चुके ए के एस विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उद्योग–समन्वय के माध्यम से क्षेत्रीय प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के वर्ष 2026 पासआउट मेधावी विद्यार्थियों—अमन नामदेव, धनीराम प्रजापति, हर्ष द्विवेदी, ईश्वरी नारायण द्विवेदी, ओम प्रकाश पटेल, अंकित कुमार पटेल, सार्थक मिश्रा, अंकुश पटेल, प्रिंस त्रिपाठी और अंशुल कुमार यादव—का चयन प्रतिष्ठित कृषि कंपनी सैफायर क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड में हुआ है।
सैफायर क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड देश की उभरती हुई कृषि इनपुट कंपनियों में से एक मानी जाती है। कंपनी फसल सुरक्षा उत्पादों, सूक्ष्म पोषक तत्वों, जैविक उत्पादों और उन्नत कृषि समाधान के क्षेत्र में कार्यरत है। इसका मुख्य फोकस अनुसंधान आधारित उत्पाद विकास, खेत-स्तरीय परीक्षण और किसानों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि उत्पादन क्षमता और फसल गुणवत्ता में सुधार हो सके। महाकौशल एवं बुंदेलखंड जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में कंपनी का सक्रिय नेटवर्क है, जहां यह सीधे किसानों के साथ काम करती है।
यह चयन परिसर प्लेसमेंट प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ, जिसमें छात्रों के अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ क्षेत्रीय कृषि समस्याओं की समझ, संप्रेषण क्षमता और व्यावहारिक दक्षताओं का मूल्यांकन किया गया। चयनित विद्यार्थियों को “सैफायर डॉक्टर” तथा “एम.डी.ओ.” जैसे उत्तरदायी पदों पर नियुक्त किया गया है। उनकी कार्यस्थली महाकौशल एवं बुंदेलखंड संभाग रहेगी, जहां वे उत्पाद विकास और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक समाधानों को सीधे किसानों तक पहुंचाएंगे।
उल्लेखनीय है कि ए के एस विश्वविद्यालय का बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से मान्यता प्राप्त है, जो इसकी शैक्षणिक विश्वसनीयता और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण का प्रमाण है। इसी शैक्षणिक गुणवत्ता और सशक्त प्लेसमेंट परंपरा के चलते विश्वविद्यालय को वर्ष 2024 में “सेंट्रल इंडिया की बेस्ट प्लेसमेंट यूनिवर्सिटी” का सम्मान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी ने अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा—
“ए के एस विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसी शिक्षा देना है जो कक्षा से निकलकर खेतों तक प्रभाव डाले। हमारे बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि कृषि परिवर्तन के सहभागी हैं। विंध्य क्षेत्र की यह प्रतिभा आज किसान, विज्ञान और उद्योग को जोड़ने का कार्य कर रही है—यही हमारे विजन की सच्ची सफलता है।”
प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ की ओर से बालेंद्र विश्वकर्मा, प्रफुल्ल गौतम और मनोज सिंह ने चयनित सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की उद्योगोन्मुख शिक्षा, सतत मार्गदर्शन और छात्रों की मेहनत का प्रतिफल है।
विंध्य क्षेत्र के शैक्षणिक गौरव के रूप में स्थापित ए के एस विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान गढ़ रहा है—जहां शिक्षा, रोजगार और सामाजिक दायित्व एक साथ आगे बढ़ते हैं।
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