ग्रामोदय महोत्सव का चौथा दिनकुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने ग्रामोदय महोत्सव स्मृति वृक्ष लगाया
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चित्रकूट- 11 फरवरी 2026
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में आयोजित पंचदिवसीय ग्रामोदय महोत्सव के चौथे दिन उत्साह, ऊर्जा और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का अनूठा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने मुख्य परिसर में “ग्रामोदय महोत्सव स्मृति वृक्ष” का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार रूप दिया।
स्मृति वृक्षारोपण के उपरांत कुलगुरु प्रो. चौबे ने उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अपनी “ग्रीन कैंपस – क्लीन कैंपस” संकल्पना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का भी प्रेरक स्थल है। वृक्षारोपण केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का निर्वहन है। उन्होंने ग्रामोदय परिवार से परिसर को स्वच्छ, हरित एवं ऊर्जा-संरक्षण के प्रति सजग बनाने का आह्वान किया।

8 फरवरी से प्रारंभ हुए ग्रामोदय महोत्सव के अंतर्गत खेल, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं ललित कला प्रतियोगिताओं की श्रृंखला में आज खेल परिसर में कबड्डी की फाइनल प्रतियोगिताएँ संपन्न हुईं। छात्र-छात्राओं से खचाखच भरे खेल मैदान में महिला एवं पुरुष वर्ग की अलग-अलग फाइनल प्रतियोगिताओं ने रोमांच चरम पर पहुँचा दिया।

महिला वर्ग की फाइनल कबड्डी प्रतियोगिता कला संकाय एवं कृषि संकाय के मध्य खेली गई, जिसमें कला संकाय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि कृषि संकाय की टीम उपविजेता रही। पुरुष वर्ग में कला संकाय एवं अभियांत्रिकी संकाय के मध्य जोरदार मुकाबला हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने अनुशासन, रणनीति और खेल भावना का परिचय दिया। प्रतियोगिता का संयोजन डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया, जबकि निर्णायक की भूमिका में प्रो. देवेंद्र प्रसाद पांडेय एवं धनंजय सिंह उपस्थित रहे।

इन प्रतियोगिताओं के साक्षी के रूप में कला संकाय के अधिष्ठाता एवं ग्रामोदय महोत्सव के मुख्य संयोजक प्रो. नंदलाल मिश्र, प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अमरजीत सिंह, कृषि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. डी. पी. राय, अभियांत्रिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आञ्जनेय पांडेय, कुलसचिव प्रो. आर. सी. त्रिपाठी, पूर्व कुलपति प्रो. भरत मिश्रा सहित अनेक शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

खेल प्रतियोगिताओं की श्रृंखला में एथलेटिक्स, वालीबॉल, बैडमिंटन, तीरंदाजी, खो-खो एवं क्रिकेट की फाइनल प्रतियोगिताएँ भी उत्साहपूर्वक संपन्न हुईं। इन प्रतियोगिताओं का संयोजन डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया, जबकि निर्णायक मंडल में धनंजय सिंह, विजय सिंह, सुधांशु खरे एवं डॉ. अखिलेश शिवहरे शामिल रहे।

वहीं दूसरी ओर विवेकानंद सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने वातावरण को कला-साधना से सराबोर कर दिया। गायन, नृत्य, अभिनय, प्रहसन एवं नाट्य की फाइनल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डॉ. विवेक फड़नीस के संयोजन में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। निर्णायक के रूप में डॉ. दादू राम श्रीवास, डॉ. लक्ष्मी द्विवेदी एवं डॉ. गोविंद सिंह उपस्थित रहे।

ग्राम दर्शन परिसर में आयोजित ललित कला प्रतियोगिताओं के अंतर्गत पोस्टर निर्माण एवं ऑन द स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और सामाजिक सरोकारों को सशक्त अभिव्यक्ति दी। इस प्रतियोगिता का संयोजन डॉ. प्रसन्न पाटकर द्वारा किया गया।

ग्रामोदय महोत्सव का चौथा दिन पर्यावरण चेतना, खेल उत्साह और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का समन्वित उत्सव बनकर उभरा। विश्वविद्यालय परिसर में उमंग, अनुशासन और रचनात्मकता का वातावरण स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। महोत्सव का यह क्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रहा है।

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