विकसित भारत संकल्प को स्वर देती एकेएस विश्वविद्यालय की अनूठी पहल
1 min read
‘विकसित भारत संकल्प गीत’ का लोकार्पण
एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने भारत सरकार के विकसित भारत विज़न–2047 को साकार करने की दिशा में एक सशक्त सांस्कृतिक एवं बौद्धिक पहल करते हुए ‘विकसित भारत संकल्प गीत’ का लोकार्पण किया। यह गीत दिनांक 29 अप्रैल 2026 को विधिवत रूप से राष्ट्र को समर्पित किया गया।
इस प्रेरणादायी गीत की रचना विश्वविद्यालय के डॉ. सुधीर जैन, डीन, विधि संकाय द्वारा की गई है। विशेष बात यह है कि गीत का संपूर्ण सृजन—लेखन, स्वर, संगीत और प्रस्तुति—एकेएस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों द्वारा ही किया गया है, जो विश्वविद्यालय की रचनात्मक क्षमता और शैक्षणिक जीवंतता को दर्शाता है।
गीत में भारतीय ज्ञान परंपरा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शांति के साथ प्रगति, वसुधैव कुटुंबकम् तथा अखंड सनातन संस्कृति के मूल तत्वों को प्रभावी रूप से पिरोया गया है। यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर आता है कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।
“भारत पढ़ो, भारत गढ़ो” की भावना से ओत-प्रोत यह गीत युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के प्रति संकल्पित करने का आह्वान करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे भारतीय गणतंत्र को समर्पित करते हुए कहा कि यह गीत केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि विकसित भारत की चेतना का स्वर है।
एकेएस विश्वविद्यालय की यह पहल शिक्षा को राष्ट्र सेवा से जोड़ने की दिशा में एक अनुपम और अनुकरणीय उदाहरण मानी जा रही है।
Subscribe to my channel