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गोरखपुर में होटल–स्पा की आड़ में बेखौफ गोरखधंधा बर्खास्तगी के बाद भी पुलिस पर सवाल

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गोरखपुर में गोरखपुर में होटल–स्पा की आड़ में बेखौफ गोरखधंधा बर्खास्तगी के बाद भी पुलिस पर सवाल–स्पा की आड़ में बेखौफ गोरखधंधा बर्खास्तगी के बाद भी पुलिस पर सवाल

देह व्यापार का हब बनता जा रहा है गीडा का सेक्टर 22-जिम्मेदार बेखबर

/सहजनवा/ गोरखपुर

गोरखपुर:गोरखपुर जनपद में होटलों और स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे गोरखधंधों पर लगाम लगाने में गोरखपुर पुलिस लगातार नाकाम साबित हो रही है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक थाना प्रभारी सहित पांच चौकी इंचार्ज को बर्खास्त किया जा चुका है, इसके बावजूद अवैध गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर 22 में यह गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि जब कोई बड़ी घटना सामने आती है, तब पुलिस जांच और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती है। पिछले करीब कई वर्ष से गीडा सेक्टर-22 में लगातार दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस दौरान कई होटलों पर छापेमारी हुई, कुछ होटल संचालक जेल भी गए, लेकिन अब तक उन होटलों पर कोई कठोर और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन, होटल दोबारा खुलेआम संचालित हो रहे हैं।वही देखा जाये तो होटल, स्पा व रेस्टोरेंट में इस तरह के अनैतिक कार्य किये जा रहे हैं वही कुछ लोगो का कहना है कि गीडा पुलिस के सहयोग से इस तरह के अनैतिक धंधो को संचालित किया जा रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संचालित हो रहे अबैध धंधो के कारोबारी अस्थानिय जिमेदारो को अच्छा खासा रकम मुहैया कराया जाता है जिससे इन कारोबारियों पर कोई अंकुश नहीं लग पाता है वही जब जिले में कोई घटना घटित होती है तो अस्थानिय प्रशासन थोड़ा सक्रिय हो जाता है और फिर सभी गोरख धंधे फिर सुचारू रूप से संचालित होने लगते हैं,हाल ही में गोरखपुर जिले में 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर एक सप्ताह तक दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस घटना के बाद एसएसपी गोरखपुर ने एक इंस्पेक्टर और पांच चौकी इंचार्ज को बर्खास्त किया, लेकिन इसके बाद भी सहजनवा और गीडा थाना क्षेत्र में कसरवल से लेकर नौसढ़ तक कई होटलों में अवैध गतिविधियां जारी होने के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि होटलों में कमरा लेने पर “सर्विस” के नाम पर 2000 से 5000 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ी घटनाओं के बाद प्रशासन जांच और कार्रवाई का दिखावा कर पीछे हट जाता है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन होटल संचालकों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिनके सहारे लगातार गंभीर घटनाओं के बावजूद होटल और स्पा सेंटर संचालित हो रहे हैं। सहजनवा और गीडा क्षेत्र में करीब तीन दर्जन से अधिक होटल और स्पा सेंटर सक्रिय बताए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं, हाल में हुए अंशिका सिंह मामले के तार भी गीडा क्षेत्र से जुड़े होने की बात सामने आई है, जबकि गोरखनाथ थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य घटना का कनेक्शन भी गीडा से जोड़ा जा रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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