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मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी फसलों की पैदावार व किसानों की आय : डॉ. विष्णु ओमर

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सतना।
दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र, मझगवां में जिला उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन अंतर्गत दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मधुमक्खी पालन के माध्यम से शहद उत्पादन बढ़ाने तथा तिलहन फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती, भारत माता, पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान के सलाहकार श्री आर. के. उत्तम, सह वैज्ञानिक डॉ. अशोक शुक्ला, उप संचालक उद्यान श्री अनिल सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. नवीन कुमार शर्मा सहित ए.के.एस. विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक (कीट विज्ञान) डॉ. विष्णु ओमर उपस्थित रहे।
डॉ. नवीन कुमार शर्मा ने जिले में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से शहद उत्पादन किसानों की आय का मजबूत साधन बन सकता है।
परागण से बढ़ती है फसल उत्पादकता
तकनीकी सत्र में डॉ. विष्णु ओमर ने कहा कि मधुमक्खी पालन केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तिलहन, फल एवं सब्जी फसलों की पैदावार बढ़ाने का प्रभावी जैविक माध्यम है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक ढंग से मधुमक्खी छत्ता प्रबंधन अपनाकर किसान कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने मधुमक्खी पालन की आधुनिक विधियों, छत्ता प्रबंधन, रोग-कीट नियंत्रण एवं परागण की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
सेमिनार प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह गुर्जर ने फूलों की खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. अखिलेश कुमार जागरे ने मधुमक्खी पालन प्रबंधन, जबकि प्रसार वैज्ञानिक पंकज शर्मा ने मधुमक्खी पालन से आत्मनिर्भरता विषय पर किसानों को प्रशिक्षण दिया।
उप संचालक उद्यान श्री अनिल सिंह ने विभागीय योजनाओं एवं शहद प्रसंस्करण की जानकारी साझा की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल ने कहा कि कृषि के साथ मधुमक्खी पालन अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम में 217 कृषक एवं कृषक महिलाओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन पंकज शर्मा द्वारा किया गया।

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