चित्रकूट- के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी में एक बार फिर अवैध गतिविधियों के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रभारी की कथित सह पर बिना टिकट पर्यटकों को अंदर प्रवेश, अवैध गाइडिंग, और बीच-बीच में अवैध पूजा-पाठ का खेल दोबारा शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि प्रभारी नियमित समय पर नहीं बल्कि दोपहर करीब 12 बजे पहुंचते हैं, जिसके बाद पूरे परिसर में अव्यवस्थाओं को नजरअंदाज कर अपनी मनमानी चलती है। आरोप है कि प्रशासन को अंधेरे में रखकर कुछ अवैध गुर्गों के जरिए वसूली कराई जा रही है। सबसे गंभीर सवाल गुफा के अंदर लगे CCTV कैमरों को लेकर उठ रहे हैं। क्या निगरानी व्यवस्था जानबूझकर कमजोर की गई है? क्या कैमरों की आड़ में ही पूरा खेल संचालित हो रहा है? पर्यटन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्थल अराजकता और भ्रष्टाचार का केंद्र बन जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है— चित्रकूट प्रशासन कब सजग होगा? क्या शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना किसी मिलीभगत की ओर इशारा करता है, या फिर जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं?