अंतरराष्ट्रीय मंच पर एकेएस यूनिवर्सिटी की विदुषी की सशक्त उपस्थिति।
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श्रद्धा पांडेय के शोध ने सतत भविष्य सोच को दी नई दिशा।
सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध नवाचार के क्षेत्र में अपनी पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करता जा रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रद्धा पांडेय ने एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि अर्जित करते हुए 4–5 अक्टूबर 2025 को ग्वालियर में आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन – नेक्स्ट जेनरेशन सिविल इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस (ICNGCES-2025) में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
“सतत एवं सुदृढ़ भविष्य के लिए नवाचार” विषयवस्तु पर केंद्रित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से आए शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं ने सहभागिता की। सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में सतत अवसंरचना विकास, स्मार्ट सिटी की परिकल्पना, उन्नत निर्माण सामग्री, जियोटेक्निकल एवं ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग के साथ-साथ सिविल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग जैसे समकालीन और भविष्यद्रष्टा विषयों पर गहन विमर्श हुआ।
इस प्रतिष्ठित मंच पर श्रद्धा पांडेय द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। उनके शोध में न केवल सैद्धांतिक स्पष्टता दिखाई दी, बल्कि वर्तमान सामाजिक-तकनीकी चुनौतियों के समाधान की ठोस दृष्टि भी परिलक्षित हुई। विशेषज्ञों ने उनके कार्य को सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार, सतत विकास और व्यावहारिक अनुप्रयोगों की दिशा में एक प्रभावशाली प्रयास बताया।
श्रद्धा पांडेय की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि एकेएस university में विकसित हो रही सशक्त शोध संस्कृति का जीवंत प्रमाण है। विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.प्रलव श्रीवास्तव एवं अन्य सदस्यों ने इसे संस्थान की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहचान को और अधिक मजबूत करने वाला क्षण बताया। यह उपलब्धि आने वाले शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा विश्वविद्यालय को वैश्विक अकादमिक मानचित्र पर और अधिक दृढ़ता से स्थापित करेगी।
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