केवई नदी पर बांध से कोतमा पर गहराया जल संकट, पूर्व विधायक सुनील सराफ ने जताई कड़ी आपत्ति
1 min read


कोतमा |कोतमा विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों गांवों तथा कोतमा, बिजुरी, गोविंदा, भालूमाड़ा और जमुना नगर में निवास कर रहे लाखों नागरिकों की जीवनदायिनी केवई नदी आज गंभीर खतरे में है। ग्राम छतई में स्थापित हो रहे अडानी पावर प्लांट द्वारा केवई नदी पर बनाए जा रहे बांध को लेकर क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया है।
इस मुद्दे को लेकर कोतमा के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सुनील सराफ ने खुलकर मोर्चा संभालते हुए बांध निर्माण पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। सुनील सराफ ने सरपंचगण और स्थानीय नागरिकों के साथ स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां यह तथ्य सामने आया कि जिस प्रकार से बांध बनाया जा रहा है, उससे बारिश के मौसम को छोड़कर केवई नदी का पानी आगे कोतमा क्षेत्र की ओर नहीं जा सकेगा।
पूर्व विधायक सुनील सराफ ने चेतावनी दी कि यदि यह बांध इसी स्वरूप में बना, तो पूरा कोतमा विधानसभा क्षेत्र भीषण पेयजल संकट का शिकार हो जाएगा और लाखों लोग पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव या एक नदी का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के अस्तित्व और भविष्य का प्रश्न है।
सुनील सराफ ने इस संबंध में प्रशासन से चर्चा कर लिखित पत्र भी सौंपा है, साथ ही क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका अध्यक्षों, पत्रकारों और आम नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे विकास और उद्योगों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन मानव जीवन, जल स्रोत और पर्यावरण की कीमत पर किया गया विकास स्वीकार्य नहीं हो सकता।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और शासन के फैसले पर टिकी हैं कि क्या समय रहते केवई नदी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, या फिर जल संकट गहराने के बाद ही जिम्मेदार जागेंगे।




Subscribe to my channel