कोरे बिल पर भी हो रहा भुगतान? ईग्रामस्वराज स्वराज पोर्टल पर अपलोड किये जा रहे बिल संदिग्ध या पोर्टल की खामी ?
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धरमजयगढ़ क्षेत्र की कुछ ग्राम पंचायतों में ईग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किए गए निर्माण संबंधी बिलों को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आ रही हैं। उपलब्ध दस्तावेजों और स्थल स्तर पर दिख रही वास्तविक स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है, जिससे भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त बिलों के अवलोकन में यह तथ्य सामने आया है कि कई मामलों में सामग्री का स्पष्ट विवरण, मात्रा, दर, कर गणना तथा परिवहन संबंधी जानकारी पूर्ण रूप से दर्ज नहीं है। कुछ बिलों में कर संरचना और कुल भुगतान राशि में सामंजस्य नहीं दिखता, जबकि कुछ में अधिकृत हस्ताक्षर अथवा प्रमाणीकरण से संबंधित विवरण अस्पष्ट हैं। ऐसे में इन बिलों के आधार पर किए गए भुगतानों की वैधानिकता पर संदेह उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
स्थल निरीक्षण के दौरान कुछ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य न होने की बात भी सामने आई है। कार्य की स्थिति और बिलों में दर्शाई गई लागत के बीच अंतर दिखाई देता है, जिससे यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि वास्तविक कार्य की तुलना में अधिक राशि का आहरण किया गया हो।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि ईग्राम स्वराज पोर्टल पर बिल अपलोड और स्वीकृति के दौरान तकनीकी सत्यापन, दस्तावेज जांच और प्रशासनिक अनुमोदन की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है। यदि पोर्टल में आवश्यक जांच तंत्र उपलब्ध है, तो फिर ऐसे अपूर्ण या विसंगतिपूर्ण बिल स्वीकृत कैसे हुए, और यदि नहीं है, तो इस प्रणाली की उपयोगिता और निगरानी व्यवस्था पर पुनर्विचार आवश्यक हो जाता है।
इन तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक हो जाता है कि ईग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड संबंधित बिलों, भुगतान प्रविष्टियों तथा संबंधित निर्माण कार्यों की विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस मामले में निष्पक्ष जांच न केवल संभावित अनियमितताओं को उजागर करेगी, बल्कि शासन की योजनाओं में विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में भी एक आवश्यक कदम सिद्ध होगी।
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