धरमजयगढ़ – कोयला खदानों के नाम पर धरमजयगढ़ के हरे-भरे जंगलों को जलाने और वन्यजीवों के जीवन को संभावित रूप से प्रभावित करने जा रही कंपनियों की उम्मीदों पर अब क्षेत्र की जनता पानी फेरने को तैयार है। यह आंदोलन केवल प्रभावित ग्राम पंचायतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे धरमजयगढ़ की 118 ग्राम पंचायतें इसके समर्थन में एकजुट होती नजर आ रही हैं।
पुरुंगा क्षेत्र में अदानी समूह की अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड से जुड़े कोल ब्लॉक के विरोध से जन्मा यह जन आंदोलन अब जंगलों से आच्छादित गांवों में दावानल की तरह फैल चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयले की तपिश से विकास नहीं, बल्कि जंगलों का विनाश और वन्यजीवों का विस्थापन होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तेजी से व्यापक हो रहे इस विरोध के चलते स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि धरमजयगढ़ अंचल में किसी भी नए कोल ब्लॉक के लिए रास्ता आसान नहीं होगा। जंगल, जीवन और वन्यजीवों की रक्षा के संकल्प के साथ पूरा क्षेत्र अब एक स्वर में खड़ा दिखाई दे रहा है।