एकेएस विश्वविद्यालय के विधि संकाय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
1 min read
सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा 13 दिसंबर 2025 को “अभियोजन तंत्र और युवा शक्ति : न्याय व्यवस्था में सहभागिता का नया दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित परिचर्चा ने न्यायिक व्यवस्था में युवाओं की भूमिका को नए संदर्भों में रेखांकित किया,कार्यक्रम में अभियोजन तंत्र की भूमिका, उसकी चुनौतियों और आधुनिक स्वरूप पर गहन चर्चा हुई।
परिचर्चा में न्याय व्यवस्था में युवाओं की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करने, विधि शिक्षा और न्यायिक प्रक्रियाओं के बीच सेतु निर्माण तथा अभियोजन विभाग, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के बीच संवाद को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त और जागरूक युवा शक्ति ही न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बना सकती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री बी. एल. प्रजापति, संचालक मध्य प्रदेश लोक,भोपाल रहे। उन्होंने अभियोजन तंत्र की व्यावहारिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को न्यायिक क्षेत्र में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी तथा विधि संकाय के डीन डॉ. सुधीर जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन विधि संकाय प्रमुख श्रीमती विधि संभरकर द्वारा किया गया।
सूर्यनाथ गहरवार द्वारा स्वागत भाषण व डॉ.सुधीर जैन ने विषय परिचय कराया,जिला अभियोजन अधिकारी सतना गुप्ता जी,जिला अभियोजन अधिकारी पन्ना ज्योति जैन,जिला अभियोजन अधिकारी मऊगंज भारती जी द्वारा विद्यार्थियों को अभियोजन की बारीकियों से अवगत कराया।कार्यक्रम के समापन पर संकाय के सहायक प्राध्यापक हरिशंकर कोरी द्वारा उपस्थित अतिथियों का आभार प्रकट किया गया ।
इस अवसर पर विधि संकाय के छात्र-छात्राओं के साथ समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। परिचर्चा को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक बताते हुए वक्ताओं ने ऐसे संवादों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
Subscribe to my channel