जिला पंचायत सीईओ ने की जनपद पंचायतों की समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत !
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रायगढ़ – प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत रायगढ़ जिले में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति को गति देने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत पाटरे ने जिला पंचायत कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की सभी सात जनपद पंचायतों की गहन समीक्षा की।

समीक्षा बैठक में उन ग्राम पंचायतों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जहाँ आवास निर्माण की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई। इनमें जनपद पंचायत पुसौर की ग्राम पंचायत नेटनागर, गढ़ू एवं कठानिया; खरसिया की पतरापाली, नगोई एवं नंदागांव; रायगढ़ की पतरापाली पूर्व, बनोरा एवं जुड़ाय; लैलूंगा की केसला, गंजपुर एवं पाकरगांव; घरघोड़ा की नवागढ़, बकबचा एवं चिमटापानी; तमनार की खुरसेंगा, डार आमा एवं चितवानी तथा धरमजयगढ़ की सिसरिंगा, सिथरा एवं कटाईपाली डी शामिल हैं।
बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने अल्प प्रगति वाली ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं रोजगार सहायकों को कार्य में तेजी लाने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा फील्ड स्तर पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर प्रगति में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
समीक्षा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास स्वीकृति, निर्माण की वर्तमान स्थिति, जियो टैगिंग, किस्तों के भुगतान तथा हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने सभी जनपद पंचायत अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल इस योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी पात्र हितग्राही आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे। प्रशासन द्वारा योजना की सतत निगरानी की जाएगी और लापरवाही की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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