ए.के.एस. विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के अभिनव उपकरण को मिला डिजाइन पेटेंट
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भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने अधिनियम 2000 तथा 2001 के अंतर्गत किया प्रकाशन।
सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा तैयार किया गया सप्लाई श्रृंखला एवं परिवहन प्रबंधन उपकरण का डिजाइन भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा अधिनियम 2000 एवं 2001 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिवत प्रकाशित किया गया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय तथा शोध समुदाय दोनों के लिए एक उल्लेखनीय कदम मानी जा रही है।



इस नवोन्मेषी डिजाइन के विकास में डॉ. (प्रो.) असलम सईद, डॉ. धीरेंद्र ओझा (विभागाध्यक्ष), श्री विनीत पांडे, श्री विपिन सोनी तथा श्री शिवम पांडे—सभी ए.के.एस. विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं शोधकर्ता—का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। टीम लंबे समय से सप्लाई श्रृंखला में उत्पन्न जटिलताओं, संसाधन वितरण तथा परिवहन प्रणाली को अधिक सुगठित बनाने पर कार्यरत रही है।
डिजाइन के प्रकाशन के साथ ही अब इसके आगे परीक्षण, मूल्यांकन तथा संभावित औद्योगिक उपयोग की संभावनाएँ खुल रही हैं। विशेषज्ञों का मत है कि यह उपकरण भविष्य में माल प्रबंधन, परिवहन व्यवस्था और संसाधन संचालन में समय तथा लागत—दोनों की बचत करते हुए कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।शोध दल का कहना है कि इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य देश की परिवहन प्रणाली में होने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को सरल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित समाधान प्रदान करना है।
यह उपलब्धि न केवल ए.के.एस. विश्वविद्यालय की शोध क्षमता का प्रमाण है, बल्कि स्वदेशी तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक प्रबल संकेत भी है, जहाँ समर्पित प्राध्यापकों के सतत प्रयासों ने नवाचार को वास्तविक स्वरूप प्रदान किया है।
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