बनहर पंचायत में निर्माण मदों के उपयोग पर संदेहों का साया? दस्तावेज़ों और वास्तविक अभिलेखों में विसंगतियाँ उजागर !
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धरमजयगढ़ – बनहर ग्राम पंचायत में विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रक्रिया, गुणवत्ता और दस्तावेज़ी पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में चल रहे पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण और पचड़ी निर्माण जैसे कार्यों के भौतिक सत्यापन के दौरान कई ऐसी परिस्थितियाँ सामने आई हैं जो कार्यों की वास्तविकता और अभिलेखों की विश्वसनीयता पर संदेह उत्पन्न करती हैं।
सूत्रों के अनुसार, बोर खनन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तकनीकी स्वीकृति के दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं, जबकि प्रशासनिक स्वीकृति केवल पंचायत स्तर से दर्शाई गई है। वहीं भुगतान रजिस्टर में कुछ स्थानों पर पचड़ी निर्माण के वाउचर दर्ज होना, जबकि काम बोर खनन का बताया गया है, प्रक्रिया की शुद्धता पर सवाल खड़े करता है।
इसी क्रम में मदों के उपयोग से जुड़ी एक प्रमुख विसंगति भी सामने आई है। 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीसी सड़क का निर्माण वास्तविक रूप से सांसद निधि से स्वीकृत बताया जा रहा था, जबकि बोर्ड सहित अन्य दस्तावेज़ों में इसे विधायक मद का कार्य दर्शाया गया है। मद में इस तरह का अंतर न केवल प्रशासनिक स्वच्छता पर प्रश्नचिह्न लगाता है बल्कि फंडिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज कर देता है।
अभिलेखों और वास्तविक कार्यों के बीच मौजूद इन विसंगतियों ने पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों की पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मदों के उपयोग की शुचिता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
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