ए.के.एस. विश्वविद्यालय के विधि संकाय में संविधान दिवस का गरिमामय आयोजन। मुख्य अतिथि रीवा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत रहे।
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के विधि संकाय में “संविधान दिवस” का शुभ आयोजन अत्यंत अनुशासित, शैक्षणिक और उत्साहपूर्ण वातावरण में गरिमापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सूर्यनाथ सिंह गहरवार ने अपने संयमित, प्रभावशाली और सुसंगत वाक्-प्रवाह से किया, जिससे पूरा आयोजन सजग, सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बना रहा।
संविधान की मूल भावना से छात्रों को कराया अवगत
विधि संकाय के डीन डॉ सुधीर कुमार जैन ने संविधान की मूल भावना से छात्रों को अवगत कराया। अतिथि परिचय और स्वागत प्रतिकुलपति डॉ. हर्षवर्धन ने दिया। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की मूल भावना, उसके आदर्शों, उद्देश्यों तथा नागरिक कर्तव्यों से अवगत कराना है।
मुख्य अतिथि रीवा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत ने भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास, लोकतांत्रिक संरचना और मानवाधिकारों पर सरल, प्रभावपूर्ण और विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संविधान मात्र एक विधिक संहिता नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है, जो विविधताओं को न्याय, समानता और एकता के सूत्र में पिरोता है।
विशेष अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. हंसराज सिंह ने युवाओं को संविधान में निहित मूल कर्तव्यों की प्रासंगिकता समझाते हुए राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति उसकी युवा पीढ़ी की संवैधानिक चेतना और दृढ़ नैतिकता पर निर्भर करती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रेमलाल धुर्वे ने विद्यार्थियों को कानून-व्यवस्था, सामाजिक उत्तरदायित्व और संवैधानिक मूल्य अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए अनुशासनयुक्त जीवन को सफलता का मूलाधार बताया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी ने विद्यार्थियों को नशा-मुक्त जीवन के महत्व पर प्रेरक संबोधन देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता, व्यक्तित्व और चरित्र का ह्रास करता है तथा परिवार से लेकर राष्ट्र तक की प्रगति में बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने युवाओं से नशा-मुक्त समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
प्रबंधन की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन की विशिष्ट उपस्थिति रही। एकेएस के प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी, कुलपति डॉ. बी.ए.चोपड़े,डायरेक्टर अमित कुमार सोनी,प्रतिकुलपति प्रो.आर.एस. त्रिपाठी ने आयोजन में उपस्थित रहे।
विभागाध्यक्ष डॉ. विधि संभरकर ने कहा कि संविधान दिवस युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और उत्तरदायित्व-बोध को सुदृढ़ करने का उत्कृष्ट माध्यम है।
संविधान दिवस के आयोजन से एक दिन पूर्व विधि संकाय में “विधिक जागरूकता हेतु स्वयं को सक्षम बनाएं” विषय पर महत्वपूर्ण कार्यशाला जी.एस. वर्मा हॉल में सम्पन्न हुई। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और न्यायिक समझ को सुदृढ़ करना रहा। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को संवैधानिक दायित्वों और न्यायिक व्यवहारिकता की गहन जानकारी देकर मुख्य कार्यक्रम की सार्थकता को और अधिक प्रखर बनाया।
विधि संकाय के सभी संकाय सदस्य—विनय कुमार पाठक, हरीशंकर कोरी, शशिकांत दुबे, विवेक चौरसिया, धीरेंद्र पटेल, गायत्री सिंह और आरती विश्वकर्मा—अपनी सक्रिय उपस्थिति के साथ शामिल रहे।
नशा-मुक्ति का सामूहिक संकल्प
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को नशा-मुक्ति का संकल्प दिलाया गया। छात्रों ने एक स्वर में नशा-रहित जीवन जीने तथा समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता
बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने संविधान के मूल अधिकारों, कर्तव्यों और राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों से संबंधित प्रावधानों का अध्ययन कर इस आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक और जीवनोपयोगी बताया।
सम्मान एवं समापन
समापन सत्र में मुख्य अतिथि आईजी श्री गौरव राजपूत को विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर कुलाधिपति श्री बी. पी. सोनी द्वारा लिखित महत्वपूर्ण पुस्तक “विश्व सरकार” भी उन्हें आदरपूर्वक प्रदान की गई।श्री सूर्यनाथ सिंह गहरवार द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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