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ए.के.एस. यूनिवर्सिटी में वॉलीबॉल का महायुद्ध: इलेक्ट्रिकल और माइनिंग इंजीनियरिंग टीमें फाइनल में आमने-सामने

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ए.के.एस. यूनिवर्सिटी, सतना के खेल विभाग द्वारा 20 नवंबर 2025 को आयोजित बॉयज़ वॉलीबॉल टूर्नामेंट 2025 का पूरा दिन रोमांचक रैलियों, ताकतवर स्मैशों, ऊँची सर्विसों और कड़े डिफेंस से सराबोर रहा। स्पोर्ट्स ऑफिसर्स सुनील पांडेय, बाबूलाल सिंह और सुरभि सिंह के कुशल संचालन ने आयोजन को अनुशासन, ऊर्जा और उत्कृष्टता से भर दिया, वहीं डॉ. वीरेन्द्र कुमार पांडेय, डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर की सतत उपस्थिति ने खिलाड़ियों के मनोबल को निरंतर प्रोत्साहित किया।

क्वार्टरफाइनल चरण शुरू होते ही कोर्ट पर ऊर्जा की लहर दौड़ गई। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की टीम ने अपनी सटीक जंप सर्व और धारदार क्रॉस-कोर्ट स्मैशों के दम पर ह्यूमैनिटीज़ को पीछे छोड़ दिया। दूसरी ओर, एग्रीकल्चर साइंस ने बेहतरीन फोर-टू सेटिंग और टाइम्ड पासिंग का उपयोग कर एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एवं फूड टेक्नोलॉजी पर प्रभावी बढ़त बनाई। माइनिंग इंजीनियरिंग ने पूरे मैच में दृढ़ डिफेंस, तेज़ डिग्स और मजबूत डबल ब्लॉक का प्रभाव दिखाते हुए कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग को मात दी, जबकि फ़ार्मेसी टीम ने अपनी फ्लोट सर्व और रणनीतिक लाइन-शॉट्स से मैनेजमेंट को संघर्ष का कोई अवसर नहीं दिया।

सेमीफाइनल में वॉलीबॉल का स्तर और ऊँचा हो गया। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने कठिन क्षणों में भी अपने सर्व-रिसेप्शन और ओवरहेड स्मैश की सुंदर तालमेल को बनाए रखा। उनकी रोटेशन व्यवस्था, बैक-रो अटैक्स और संयमित प्लेसिंग ने उन्हें फाइनल का मार्ग प्रशस्त किया। वहीं माइनिंग इंजीनियरिंग ने अपनी तेजी से बदलती रणनीतियों, क्विक अटैक्स और सटीक रिफ्लेक्स ब्लॉक के दम पर विपक्ष को चौंकाते हुए फाइनल में प्रवेश किया। उनके सेटर्स ने टाइम्ड सेट्स की अद्भुत सटीकता दिखाई, जबकि अटैकर्स ने हर अवसर को प्रभावशाली स्ट्रेट स्मैश से भुनाया।

अब पूरे विश्वविद्यालय की निगाहें 22 नवंबर 2025 को होने वाले महा–फाइनल पर टिकी हैं, जहाँ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और माइनिंग इंजीनियरिंग की टीमें एक-दूसरे के सामने होंगी। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित रोटेशन, मजबूत डिफेंसिव कवरेज, प्रभावशाली काउंटर अटैक और उत्कृष्ट टीम कोऑर्डिनेशन का प्रदर्शन किया है। रैली-पॉइंट सिस्टम के तहत खेले जाने वाले फाइनल में गति, रणनीति और कौशल की त्रिवेणी देखने को मिलेगी, जहाँ हर सर्व, हर ब्लॉक, हर स्मैश और हर डिग निर्णायक बन सकता है।

ए.के.एस. यूनिवर्सिटी का यह आयोजन न केवल छात्रों में खेल-भावना को पुष्ट करता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कौशल, टीमवर्क और प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता की प्रेरणा भी प्रदान करता है।

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