March 1, 2026

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महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिले 406.77 करोड़ से अधिक की राशिजगा नया आत्मविश्वास और स्वाभिमान, मिली राशि से व्यवसाय कर बन रही आत्मनिर्भर,

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जशपुरनगर 16 अक्टूबर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक समानता की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वाभिमान की नई भावना जागृत की है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण, पूंजी और ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आ रहा है सकारात्मक बदलाव


    महतारी वंदन योजना महिलाओं के श्रम, योगदान और भागीदारी के लिए सम्मानित करती है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह 1 000 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मार्च 2024 से सितंबर 2025 तक इस योजना के माध्यम से जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 406 करोड़ 77 लाख 62 हजार 800 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कोई महिला इस धनराशि का उपयोग अपनी सिलाई की दुकान चलाने में कर रही है, तो कोई अपने बच्चों की पढ़ाई, फीस, किताबें, कपड़े या त्योहारों की तैयारियों में कर रही है। कई महिलाएं इस राशि को अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं।
    योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाती है। महिलाएं इस धन से अपने घर, मोहल्ले या गांव की दुकानों से किराना, सब्जियां, फल, मनिहारी सामान, मिठाइयां आदि खरीदती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों की आमदनी में भी वृद्धि हुई है। अब महिलाएं ही नहीं, बल्कि व्यापारी भी योजना की राशि के अंतरण का उत्सुकता से इंतजार करते हैं । जैसे ही राशि खातों में आती है, सभी के चेहरे खुशी से खिल उठते हैं। इस प्रकार महतारी वंदन योजना ने न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का भाव जगाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी बन गई है। इस योजना ने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ियों को तोड़ते हुए उन्हें अपने छोटे-छोटे निर्णय स्वयं लेने की शक्ति दी है। आज महिलाएं केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्राप्त राशि का निवेश अन्य उत्पादक गतिविधियों और छोटे उद्यमों में कर रही हैं।
विभिन्न योजनाओं का संचालन कर महिलाओं को बनाया जा रहा है सशक्त 
    महतारी वंदन योजना के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी अनेक योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार करना है, ताकि वे अपने और अपने परिवार के विकास की मज़बूत आधारशिला बन सकें। विभाग द्वारा विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के लिए संचालित सक्षम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने हेतु 3 लाख 20 हजार का ऋण प्रदान किया गया है। यह योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी कही जाने वाली महिला स्व-सहायता समूहों को भी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर सशक्त किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 56 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 44 लाख 70 हजार का ऋण प्रदान किया गया है, जिससे वे आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही हैं।
    इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले की 411 कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए हैं। इस हेतु राज्य सरकार द्वारा कुल 2 करोड़ 5 लाख 50 हजार की राशि खर्च की गई है। इसके साथ ही  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना से जिले की 11071 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है, जिसमें कुल 4 करोड़ 47 लाख 80 हजार की राशि का व्यय हुआ है।
सं.क्र./1597/रविन्द्र            फोटो क्रमांक 04
समाचार
गजरथ यात्रा के माध्यम से 90 स्कूलों के 9800 छात्रों को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की दी गई जानकारी
जशपुरनगर 16 अक्टूबर 2025/ गजरथ यात्रा द्वारा निरंतर स्कूलों  में जाकर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा रही है। जशपुर वनमण्डलाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार गजरथ यात्रा के माध्यम से अब तक जिले के 90 स्कूलों में 9800 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा चुकी है। इनमें फरसाबहार, कुनकुरी एवं बगीचा विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले 75 स्कूलों के लगभग 8205 छात्र-छात्राएं एवं  पत्थलगांव विकासखण्ड अंतर्गत 15 स्कूलों के 1595 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
    वर्तमान में पत्थलगांव विकासखंड में निरंतर गजरथ यात्रा अपना कार्य कर रही है। गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर रही है। विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06 वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गांव के चौपालों में चलचित्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों में जागरूकता लाने का कार्य करेगी। 
     उल्लेखनीय है कि गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा 21 जून 2025 को किया गया था। इसका उद्देश्य हाथी मानव द्वंद को न्यूनतम करने  लोगों में जागरूकता प्रसार करना था। विगत कई वर्षों से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्यीय सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनाएं होने की संभावनाएं बनी रहती है।

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