धरमजयगढ़। मुनुन्द गांव गुरुवार शाम अचानक मातम में डूब गया। कुड़ेकेला समिति के सक्रिय और मिलनसार किसान खातिर राम राठिया उर्फ बबलू खेत में काम करते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। पलभर में हुई इस घटना ने पूरे गांव को सन्नाटे में ला दिया।
जानकारी के अनुसार, शाम करीब 6 बजे मौसम अचानक बिगड़ा और बादल गरजने लगे। उस समय खातिर राम अपने खेत में मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे। तभी अचानक तेज गर्जना के साथ आसमान से बिजली गिरी और सीधे उन पर आकर गिरी। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें बचाने का कोई मौका ही नहीं मिल सका।
गहरी पीड़ा, गहरा सबक
खातिर राम अपनी मेहनत, मिलनसार स्वभाव और सक्रियता के लिए जाने जाते थे। उनकी असमय मृत्यु से पूरा गांव गमगीन है। यह घटना सिर्फ दुख ही नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी छोड़ जाती है —
गरज-चमक के दौरान खेत या खुले मैदान में न जाएं।
मोबाइल फोन, छाता या किसी भी धातु की वस्तु का उपयोग न करें।
पास के सुरक्षित स्थान पर तुरंत शरण लें।
आकाशीय बिजली मज़ाक नहीं करती, वह पलक झपकते ही जीवन छीन सकती है। मुनुन्द गांव के बबलू की यह दर्दनाक घटना हम सभी को सावधान रहने की सीख देती है।