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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का किया निरीक्षणभौतिकी प्रयोगशाला ठीक से संचालित नहीं करने पर व्याख्याता को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश,

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जशपुरनगर 20 सितंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब, पुस्तकालय और  प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से उनके शंकाओं का समाधान करें ताकि, पढ़ाई और भी रोचक व उपयोगी बन सके।


     अटल टिंकरिंग लैब के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से 3-डी प्रिंटर, डिजिटल मल्टीमीटर, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, रोबोटिक कीट सहित अन्य उपकरणों के प्रयोग के बारे में पूछा । उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि लैब में समर्पित भाव से सीखना वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और समस्या-समाधान की क्षमता को मजबूत करता है। कलेक्टर श्री व्यास ने छात्राओं की क्षमता-विकास के लिए लाइब्रेरियन को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से छात्राओं को पुस्तकें इश्यू करें, जिससे वे पुस्तकों से सारगर्भित शिक्षा ग्रहण कर सकें।


     भौतिकी प्रयोगशाला का निरीक्षण करते समय कलेक्टर ने वहाँ की अव्यवस्था और प्रयोगशाला के ठीक से संचालित न होने पर नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने भौतिकी की व्याख्याता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही, अकारण अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी को नियमित रूप से निरीक्षण कर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने विद्यालय में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और कबाड़ हो चुके सामान का निस्तारण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर, विद्यालय के प्राचार्य श्री के.पी. यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


कलेक्टर  ने निभाई शिक्षक की भूमिका, अटल टिंकरिंग लैब में दी छात्राओं को प्रायोगिक शिक्षा
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अटल टिंकरिंग लैब में खुद को शिक्षक की भूमिका में ढालते हुए छात्राओं को प्रायोगिक शिक्षा दी। उन्होंने  बच्चों को  उपकरणों की कार्यप्रणाली समझाइए और  छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे नई तकनीक और प्रयोगशीलता को जीवन का हिस्सा बनाएं और भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित करें। विद्यालय के शिक्षकों और छात्राओं ने  इस अनूठे प्रयास की सराहना की और कहा कि कलेक्टर द्वारा सीधे पढ़ाने का अनुभव बच्चों के लिए प्रेरणादायक और यादगार रहेगा।

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