एकेएस की बायोटेक शोधार्थी अवनी प्रधान को उच्च जोखिम गर्भावस्था निदान में शोध हेतु पीएच.डी.की उपाधि।
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सतना। 12 अगस्त। मंगलवार।एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की शोधार्थी अवनी प्रधान को “उच्च जोखिम गर्भावस्था मूल्यांकन परीक्षण में प्रारंभिक एवं पश्च-विश्लेषणात्मक चरों का अध्ययन” विषय पर उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि प्रदान की गई है। यह शोध प्रो.कमलेश चौरे, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के निर्देशन में संपन्न हुआ।अवनी का शोध कार्य उन जटिल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को उजागर करता है, जो उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान में निदान की सटीकता को प्रभावित करती हैं। उन्होंने नमूना संग्रह, भंडारण एवं रोगी की तैयारी जैसे पूर्व-विश्लेषणात्मक कारकों के साथ-साथ परिणाम की व्याख्या और रिपोर्टिंग की शुद्धता जैसे पश्च-विश्लेषणात्मक पक्षों का गहन अध्ययन किया।यह शोध यह दर्शाता है कि परीक्षण की प्रक्रिया में होने वाली सूक्ष्म चूकें भी परिणामों में बड़े अंतर उत्पन्न कर सकती हैं, जिससे निदान की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उनके इस नवाचारपूर्ण एवं उपयोगी शोध कार्य को नारी स्वास्थ्य एवं प्रसव पूर्व चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। एकेएस विश्वविद्यालय प्रबंधन ने डॉ.अवनी प्रधान को शुभकामनाएं दी हैं।
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