कुमुद सिन्हा ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का गौरव,भारत स्काउट एवं गाइड में मिला राष्ट्रपति पुरस्कार:
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दुर्ग, 27 जुलाई दुर्ग नगर की प्रतिभावान बेटी कुसुम सिन्हा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लगन, मेहनत और मार्गदर्शन के साथ कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। देश के सर्वोच्च स्काउट-गाइड सम्मान ‘राष्ट्रपति गाइड प्रमाणपत्र’ को प्राप्त कर कुसुम ने न केवल अपने परिवार, विद्यालय और नगर का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का भी गौरव बढ़ाया।
दिनांक 22 जुलाई 2025, स्थान राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली — गोदावरी हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में माननीय महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा देशभर से चयनित सीमित स्काउट-गाइड प्रतिभाओं को राष्ट्रपति प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ से चुनी गई केवल तीन प्रतिभाओं में से एक रहीं दुर्ग की कुसुम सिन्हा।
गयानगर, वार्ड क्रमांक 04 निवासी कुसुम सिन्हा ने वर्ष 2018 में स्काउट गाइड के राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक ट्रेनिंग, सामाजिक सेवा गतिविधियाँ, शिविर, प्रैक्टिकल परीक्षाएं, और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरे किए। उनके उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन और सेवा भावना के चलते उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ।यह सम्मान उन प्रतिभागियों को प्रदान किया गया, जिन्होंने 2018, 2019, 2020 और 2021 के चार बैचों की संयुक्त राष्ट्रीय परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की। इस परीक्षा में कुल 480 प्रतिभागियों ने उत्तीर्णता प्राप्त की, जिनमें से हर वर्ष की प्रत्येक श्रेणी (स्काउट, गाइड, रोवर और रेंजर) से एक-एक चयनित श्रेष्ठ प्रतिभागी, कुल 16 श्रेष्ठ प्रतिभागियों को राष्ट्र स्तर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कुसुम के पिता श्री रामखिलावन सिन्हा और माता श्रीमती देवकी सिन्हा ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। उनके साथ-साथ शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग की प्राचार्य डॉ. कृष्णा अग्रवाल और यूनिट लीडर श्रीमती देविका रानी वर्मा (सेवानिवृत्त शिक्षिका) ने उनके प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अभूतपूर्व सफलता पर दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कुसुम सिन्हा के निवास पर पहुँचकर उन्हें शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उनके साथ एमआईसी सदस्य देवनारायण चंद्राकर और पार्षद/एमआईसी सदस्य लीना दिनेश देवांगन भी मौजूद रहीं।
महापौर ने इस अवसर पर कहा “कुसुम” की यह उपलब्धि केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम की कहानी नहीं है, यह दुर्ग शहर की सामूहिक प्रेरणा और हमारी बेटियों की क्षमताओं का प्रमाण है। एक सामान्य परिवार से निकलकर, इतने कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया को पार करते हुए राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त करना अत्यंत गौरव की बात है। कुसुम ने यह साबित किया है कि यदि नीयत और मेहनत सच्ची हो तो सफलता निश्चित है। नगर निगम परिवार की ओर से मैं उन्हें ढेरों शुभकामनाएँ देती हूँ।”कुसुम सिन्हा की यह उपलब्धि न केवल उनके समर्पण की मिसाल है, बल्कि शहर की अन्य बालिकाओं और युवाओं को प्रेरित करने वाला उदाहरण भी है। स्काउट गाइड जैसी रचनात्मक और सेवा-प्रधान गतिविधियों में भाग लेकर बच्चों को अनुशासन, नेतृत्व और सेवा का पाठ मिलता है.और कुसुम ने इस यात्रा को सफलता के चरम तक पहुँचाया।
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