नईगढ़ी पुलिस द्वारा पत्रकार पर हमला और जुल्म ज्यादती के खिलाफ मऊगंज कलेक्ट्रेट के समक्ष आज से आमरण अनशन
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मऊगंज
अमन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,धरा बेंच देगें, गगन बेच देंगे,कलम के पुजारी अगर सो गए तो,वतन के पुजारी वतन बेंच देंगे।।
असमाजिक तत्वों की अफवाहों से बचें आइए भ्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ एकजुटता के साथ लड़े,
भ्रस्ट अफसरों के दलालो के चक्कर मे पड़ने बाले पत्रकार समझ लें अगली उनकी ही बारी है,क्योंकि दलाल मीडिया ही खतरनाक बीमारी है।
लोकतंत्र के सजग प्रहरी सम्मानीय पत्रकार बंधुओं आप देख रहे हैं कि मऊगंज नवीन जिला बनने के बाद भ्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था से जूझ रहा है,और स्थिती ये हो गईं की कानून के रक्षक ही भक्षक बन गये है,नतीजा यहां पर हत्या,लूट,चोरी,तस्करी,रेप,अपहरण,साथ ही साथ अपराधियों को बचाना और बेगुनाहों को आरोपी बना देना आम बात हो गई है।
जिसमे कुछ भ्रस्ट सफेदपोश नेता,नौकर शाह और दलाल मीडिया के गठजोड़ ने बड़ी भूमिका निभाई है।
मऊगंज जिले की हालत इतनी भयावह हो गई कि भ्रस्टाचार और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने बाले पत्रकारों को ही शिकार बनाया जा रहा है। और इन गम्भीर हालातों के पीछे तथाकथित कांग्रेस नेता पत्रकारिता के ओट में छिपे महिला चिकित्सक मामले में आरोपी जो कि महादेवन मामले में अफवाह फैलाने का फरार आरोपी राजू सिंह सेंगर ने बड़ी भूमिका निभाई है।
जो कि जिले में पदस्थ पूर्व कलेक्टर अजय श्रीवास्तव व एएसपी अनुराग पाण्डेय सहित कुछ भ्रस्ट पुलिस कर्मियों और भारी भ्रस्टाचार के आरोपों में घिरे निलंबित नगर परिषद CMO महेश पटेल का चर्चित दलाल होने के आरोपों में घिरा रहा है।
ऐसे अफसरों के साथ खुद आरोपो में घिरा रहने बाला धूर्त इंसान इनको पाकसाफ बताते हुए अपनी दलाली का सबूत समय समय पर देता रहा और आज भी दे रहा है,अपनी दलाली के ही चलते गिट्टी बालू का अवैध परिवहन,ओवर लोड बाहनो के खिलाफ मऊगंज SDOP और यातायात पुलिस की कार्यवाई को इनका हाइवा प्रेम बताता था।।
अब इसकी नैतिकता की बात करें तो नगर परिषद मऊगंज के निलंबित प्रभारी CMO महेश पटेल सरीखे भ्र्स्ट अधिकारियों के दलाली के बूते ही विटनरी अस्पताल की सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रखा है ,इतना ही नही इनकी पत्नी बेलौही ग्राम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं जो कि मऊगंज में डेरा जमाकर वेतन उठा रहीं हैं, यह आंगनबाड़ी भ्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था में घिसट रही है। कितने शर्म की बात है कि ऐसा अनैतिक कार्यो में लिप्त आपराधिक छवि का व्यक्ति भ्र्स्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने बाले पत्रकारो के खिलाफ एक पत्रकार संगठन के नाम पर अफवाहों को हवा देते हुए जहर उगलने का काम कर रहा है,जबकि 02-04 इसके सरीखे साथियों को छोड़ दें। तो मऊगंज जिले के उसी संगठन से जुड़े काफी लोगो ने इससे किनारा करते हुए अधिसंख्यक पत्रकार मिथिलेश त्रिपाठी के मामले में भ्र्स्ट पुलिस कर्मियों के खिलाफ एकजुटता के साथ खड़े हैं ऐसे में भ्र्स्ट व्यवस्था में शामिल समाज विरोधी तत्वों को करारा झटका लगा है।
S.p.
Tripathi.
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