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March 3, 2026

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छत्तीसगढ़ में सचिवों की हड़ताल का दर्दनाक मोड़, तीन साथियों की मौत, शासन के कड़े रुख से आक्रोश की ज्वाला भड़की…..

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पत्थलगांव (जशपुर)/रायपुर/महासमुंद/कोरबा:

छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल एक हृदयविदारक मोड़ ले गई है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे तीन सचिव साथियों – राजकुमार कश्यप जी (ग्राम पंचायत कुटेलामुडा़, जनपद पाली, जिला कोरबा), मोहित साहू जी (ग्राम पंचायत उतेकेल, जनपद पिथौरा, जिला महासमुन्द), और रामेश्वर चौहान जी (ग्राम पंचायत बनकोम्बो, जनपद कुनकुरी, जिला जशपुर) – का कल दिनांक 15/04/25 को आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना ने पहले से ही सरकार के कड़े रुख से नाराज सचिवों के बीच शोक और आक्रोश की एक नई लहर पैदा कर दी है।


शोक में डूबा सचिव संघ, शासन के ‘वैकल्पिक व्यवस्था’ आदेश पर फूटा गुस्सा, बताया संवेदनहीनता


सचिव संघ जनपद पंचायत पत्थलगांव, जिला जशपुर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, हड़ताल स्थल पर दिवंगत साथियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस हृदयविदारक घटना ने आंदोलनकारी सचिवों को गहरा सदमा पहुंचाया है। जहां एक ओर वे अपने साथियों के बिछड़ने के गम में डूबे हैं, वहीं शासन द्वारा हड़ताल को तोड़ने के लिए जारी किए गए ‘वैकल्पिक व्यवस्था’ के आदेश ने उनके गुस्से को और भड़का दिया है। सचिवों ने इस आदेश को संवेदनहीनता की पराकाष्ठा करार दिया है।


शहीदों का अपमान’, आंदोलन और तेज करने की चेतावनी, न्याय की मांग पर अडिग सचिव


अपने तीन साथियों की असामयिक मौत से आक्रोशित सचिवों ने शासन के इस आदेश को ‘शहीदों का अपमान’ बताया है। उनका कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने की बजाय दमनकारी नीति अपना रही है, जिसके कारण उनके साथियों को इतना मानसिक और शारीरिक तनाव झेलना पड़ा कि उनकी जान चली गई। इस दुखद घटना ने सचिवों के हौसले को और मजबूत किया है और उन्होंने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है, न्याय की मांग पर वे और भी दृढ़ संकल्पित दिखाई दे रहे हैं।


मानवीय त्रासदी के बावजूद टकराव बरकरार, शासन के अगले कदम पर टिकी सबकी निगाहें


छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत सचिवों की हड़ताल अब एक गंभीर मानवीय त्रासदी का रूप ले चुकी है। तीन सचिवों की मौत के बाद भी शासन और सचिवों के बीच टकराव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन इस दुखद घटना से सबक लेते हुए सचिवों के साथ बातचीत की पहल करेगा या फिर टकराव और बढ़ेगा, जिससे ग्राम पंचायतों का कामकाज और भी ज्यादा प्रभावित होगा। सचिव संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने साथियों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और अपनी मांगों को लेकर अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे।

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