एकेएस विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में अतिथि व्याख्यान। भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर आयोजन।
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सतना। मंगलवार। 1 अप्रैल। एकेएस विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में एकदिवसीय अतिथि व्याख्यान का छात्र-छात्राओं के लिए आयोजन किया गया। जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर चर्चा हुई।इस व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को भारतीय ज्ञान परंपरा के समृद्ध क्षेत्र के बारे में बताना था और भारतीय ज्ञान परंपरा से उन्हें परिचित कराना था। अतिथि व्याख्यान के लिए प्रतिष्ठित शिक्षक श्री राजेश दुबे को आमंत्रित किया गया था उन्होंने चर्चा में बताया कि भारत में ज्ञान की परंपरा बहुत ही प्राचीन है और इसका आरम्भ वेदों से माना जाता है। उपनिषद भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल स्रोत है। उल्लेखनीय है कि ‘वेद’ शब्द ‘विद्’ धातु से बना है जिसका अर्थ ‘जानना’ होता है।

भारतीय ज्ञान-परम्परा केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में इसका गहरा प्रभाव पड़ा है।लोक ज्ञान और स्थानीय ज्ञान आम तौर पर क्षेत्रीय , स्वदेशी या स्थानीय समुदायों की सांस्कृतिक परंपराओं में अंतर्निहित ज्ञान प्रणालियों को संदर्भित करता है।इस अतिथि व्याख्यान का संयोजन श्री विपिन सोनी ने किया। इस आयोजन पर संपूर्ण वाणिज्य विभाग एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हर्ष व्यक्त किया है।
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